श्री कुचामन पुस्तकालय, कुचामन सिटी में हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में हिंदी भाषा सम्मान समारोह का आयोजन गरिमामय वातावरण में हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता सुप्रसिद्ध समाजसेवी ओमप्रकाश भोमराजका व निर्मला भोमराजका ने की। समारोह में साहित्यकार डॉ. घनश्याम नाथ कच्छावा, साहित्यकार डॉ. सुरेन्द्र डी. सोनी तथा कवि हरिराम गोपालपुरा (सुजानगढ़) मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे।

मंच पर पुस्तकालय ट्रस्टी गुलाब चंद शर्मा, अध्यक्ष महेंद्र कुमार पारीक, सचिव शिवकुमार अग्रवाल तथा कोषाध्यक्ष कालीचरण व्यास व संयोजक सुनील माथुर भी विराजमान रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के चित्रों के समक्ष पूजन-अर्चन एवं वंदना से हुआ। इसके पश्चात ट्रस्टी गुलाब चंद शर्मा ने मंचस्थ अतिथियों का परिचय प्रस्तुत किया। स्वागत उद्बोधन में सचिव शिवकुमार अग्रवाल ने हिंदी दिवस की शुभकामनाएँ प्रेषित कीं और हिंदी के प्रचार-प्रसार की महत्ता पर प्रकाश डाला। काव्यपाठ और साहित्यिक प्रस्तुतियों में कवि आदिगणेश के मंगलाचरण स्वरूप काव्यपाठ से हुआ। इसके बाद कवि हरिराम गोपालपुरा ने ” बेटे और बेटी ” विषय पर मुक्तक प्रस्तुत कर सभागार में उपस्थित श्रोताओं से खूब सराहना प्राप्त की।

मुख्य वक्ता डॉ. सुरेन्द्र डी. सोनी ने हिंदी को “आत्म उत्थान और आत्मीयता की भाषा” बताते हुए इसकी वैज्ञानिकता, सरलता और सांस्कृतिक शक्ति को रेखांकित किया। साहित्यकार डॉ. घनश्याम नाथ कच्छावा ने हिंदी भाषा के विकास में पत्रकारिता, साहित्य और सिनेमा की महती भूमिका पर प्रकाश डाला और हिंदी को राष्ट्रीय अस्मिता का प्रतीक बताया।

समारोह के मुख्य अतिथि समाजसेवी ओमप्रकाश भोमराजका ने हिंदी को वैज्ञानिक और आत्मीय भाषा बताते हुए कहा कि यह भारतीय जनमानस की भावनाओं को सहज रूप में व्यक्त करती है और देश की एकता को सुदृढ़ बनाती है।

इस अवसर पर डॉ. दिलीप पारीक, डॉ. रविन्द्र राजावत, पार्षद अमहद अली, छिगनलाल शर्मा आदि ने भी हिंदी के महत्व पर अपने विचार रखे।

छात्रा देशना शर्मा ने सुमधुर कविता पाठ प्रस्तुत कर सबका मन मोह लिया। समारोह के अंतर्गत आयोजित हिंदी अन्त्याक्षरी एवं काव्यपाठ प्रतियोगिता के विजेता प्रतिभागियों को नकद राशि, स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया। इस सम्मान ने प्रतिभागियों में उत्साह और आत्मविश्वास का संचार किया। कार्यक्रम के संयोजक सुनील कुमार माथुर तथा अध्यक्ष महेंद्र
कुमार पारीक ने सभी अतिथियों, सहयोगियों और श्रोताओं का आभार प्रकट किया। कार्यक्रम का संचालन साहित्यकार सत्यप्रकाश शर्मा ने अपनी ओजस्वी और प्रभावी शैली में किया, जिसे उपस्थित जनों ने विशेष रूप से सराहा।

समारोह में नगर के गणमान्य नागरिकों में सुरेश वर्मा, रामनिवास कुमावत मृदुला कोठारी, सत्यनारायण मोर, रमेश चावला, भानु प्रकाश औदिच्य, मुरारी गौड़, विमल पारीक, बंशीलाल कांसोटिया, लक्ष्मण शर्मा, सत्यप्रकाश शर्मा, चम्पालाल कुमावत, रितुराज सिंह, सत्यनारायण तोषनीवाल, किशनलाल भार्गव, भैरूलाल उपाध्याय, मोहनलाल सोनी, दामोदर झंवर सुरेश खींची, भंवरलाल पारीक अरविंद तोषनीवाल, रामस्वरूप जोशी, डॉ. ईश्वर राम बेड़ा, गोविन्द राम उपाध्याय, मनोज शर्मा सहित अनेक प्रतिष्ठित नागरिकों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और भी बढ़ाया।

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